नन्द दुलारे यशोदा के प्यारे

नन्ददुलारेयशोदाकेप्यारे

नन्द दुलारे यशोदा के प्यारे,

सांवरे सलोने हे कृष्णा।

कानों में कुंडल गले में माला,

कटी पीताम्बर ओडे दुशाला,

सिर पर पंख लगावे हे कृष्णा .

कालीया को पाठ पढ़ाया,

उंगली पर गिरिराज उठाया,

पूतना को स्वर्ग पहुँचावे हे कृष्णा.

ग्वालों के संग धेनु चरावे,

गोकुल में माखन खावे,

मईया को बहुत सतावे हे कृष्णा।

यमुना तट पर बंसी बजावे,

वृन्दावन में रास रचावे,

सखियों संग नाच नचावे हे कृष्णा।

मथुरा जा कर धूम मचाई,

देखें सब लोग लुगाई,

कंस की है आफत आयी हे कृष्णा।

द्वारकाधीश बने गोपाला,

सब के बन गए रखवाला,

गीता पाठ पढावे हे कृष्णा।

दुर्योधन का मेवा त्याग्यो,

विदुर के घर साग खायो,

सुदामा के घर तंदुल खावे हे कृष्णा।

नरसी भगत की हुंडी तारी,

सावाल्शाह बन आये गिरधारी,

सब के हो गए हितकारी हे कृष्णा।

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  1. यशोदा अग्रवाल 28/08/2013

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