तेरे बाद

तेरे बाद

तेरे जाने  के  बाद ,घड़ियाँ  इंतज़ार  की  हुई  नहीं  समाप्त ,

समय  बीता जाए , क्या  करूँ हाय , समझ   में  न  आये |

कहाँ  गए  तेरे  वादे

मिलेंगें  सांझ –सवेरे ,घर की छत पर  , या  गली   के किनारे  ,

किसी खेत में ,या नदी किनारे  ,कैसे  भूलूँ वो  घडियां  ,

वो सुंदर सपने, चांदनी रात की सफेदी, नौका विहार की बातें  |

लौट कर यह मत कहना,

ज़माना बदल गया,मौसम बदल गया  ,दिन रात बदल गए  ,

बिल्डिंगें  ऊंची  हो गयीं  ,सड़कें  चौड़ी  हो गयीं  फैशन  बदल गए  ,

लोग बदल गए, और  मैं भी इस तरह बदल गया |

तेरेआनेकेबाद

फिर मुझे भी बदलना होगा,

ज़माने के साथ चलना होगा, आई लव यू कहना होगा,

शायद मैं इतनी आगे बढ़ जाऊं, कि तुझे पछताना होगा,

तेरे आने के बाद, होंगी बातें बाकी,

कोई शिकायत न रह जाए बाकी  |

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