संस्कारी बच्चे

ऊमस गर्मी

पगलाई लू

भरी दुपहरी

भरी बस

उबाऊ रास्ता

गाँवों के

हर छोटे-बडे

बस-स्टेण्ड पर

रुकते ही

गंदे-से, अधनंगे-से बच्चे

घेर लेते बस को

चिल्लाने लगते-

पानी-पानी

ठंडा-मीठा पानी

कमाने पुन्य

करने सेवा

ये सेवा भावि बच्चे

ये संस्कारी बच्चे ।

 

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