बाँटते लोग

खींच कर

लकीरें ज़मीं पर

बाँटते लोग,

खेलते

मौत का खेल

मनाते जश्न

बाँटते तमगे

कहते-

देश

देशभक्ति

और शहादत ।

शहादत

अखण्ड धरा के

बना कर

खण्ड-खण्ड अखाड़े

खेलते मौत का खेल

मनाते जश्न

बांटते तमगे।

जयकारते शहादत

पुकारते फ़तह ।

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