अँजन

अँजन आँज पिया ने, आँखें दीन्हीं खोल ।
चुन-चुन पग धरिए, जीवन राह अमोल  ॥

पारस अँजन  गुरू दिया,  हृदय हुआ उजास ।
निस दिन उसको पाइए, जिसका घट में वास ॥

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