नव संवत पर

नव संवत पर, नव विस्तार दें ।

नव अभिदान को , नव ब्रह्माण्ड में,
नव संवत पर, नव विस्तार दें ।

नव  द्युति,  नव ज्योति  से,
नव प्रज्ञा को , नव उद्गार दें ।
नव संवत पर, नव विस्तार दें ।

नव क्षितिज को,  नवल छन्द से,
नव-राग संग, नवल नभ-विस्तार दें ।
नव  संवत  पर, नव  विस्तार दें ।

नव मंगल , नव अभिलाषा को,
नव तुष्टि का, नव अधिकार दें ।
नव संवत पर, नव विस्तार दें ।

नव लालित्य, नव लावण्य को,
नवल निराला, नव शृन्गार दें ।
नव संवत पर, नव विस्तार दें ।

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