तो बता देना

मन का भाव कभी मेरे प्रति प्रखर जाए – तो बता देना  I
बात जो कोई मेरी नागवार गुज़र जाए – तो बता देना  II

नफरत कर लो तुम जी भर कर मोहब्बत से,
जब दिल का ये दर्द पिघल जाए – तो बता देना  I

शक भी कर लो तुम अपनों पर इन्तहां तक,
जब शक का ये भूत उतर जाए – तो बता देना  I

हमदर्द मिलेंगे बहुत से पर प्यार नहीं,
हमारी ज़रूरत अगर पड़ जाए तो – तो बता देना  I

लकीर का फ़कीर बनने से न होगा कुछ हासिल,
दिल के किसी कोने में, असर जाए – तो बता देना  I

खफा हो जाते हैं बिन समझे अक्सर हमसे, हमारे,
ठेस लगे, कभी जो कुछ अखर जाए – तो बता देना  I

न कहना राज़ तुम अपने दिल के हमसे बेशक कभी,
पर मन घबराए, अकेले कभी डर जाए – तो बता देना  I

दिल से चाहता हूँ, बदलें खवाब तुम्हारे हकीकत में,
पर सपना कभी टूट कर बिखर जाए – तो बता देना  I

जिन्दगी का बीता हुआ कल दुखद था, हम जानते हैं,
पर आने वाला कल कुछ संवर जाए – तो बता देना  I

मैं माझी तू कश्ती, तो सुन जरा ध्यान से मेरी बात,
न डर तूफ़ान से, किनारे पर ठहर जाए –तो बता देना  I

इतना न उड़ आकाश में की सब छोटा लगे “चरन”
उड़ते उड़ते कभी कोई तुम्हारे पर क़तर जाए – तो बता देना  I

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गुरचरन मेह्ता 

 

4 Comments

    • Gurcharan Mehta 'RAJAT' Gurcharan Mehta 17/08/2013
  1. हरीश 22/08/2013
    • Gurcharan Mehta 'RAJAT' Gurcharan Mehta 24/08/2013

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