तीर- ए-नजर के

तीर- ए- नजर के घाव का है कोई अनुमान नही |
दिल कालों को दिल वालों के दिल का है कोई ज्ञान नहीं ||
हो नजर बुरी नजरों वाली तो नजर बुरी ही लगती है |
गम देने वाले दानी को होता गम का संज्ञान नहीं ||

Leave a Reply