नजरों की नजर

नजरों की नजर लगी मुझको या जख्म नजर के तीरों के |
ये आकर्षण है या है बंधन या फंदे है जंजीरों के ||
अल्लाह विधाता ख़ुदा बता ये दिल दुआ मिली या दर्द मिला |
या केवल फिर दिल फंदे हैं , रांझों के या फिर हीरों के ||

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