निज पर सदा भरोसा रखना- अपने मन में …………

रचनाकार : मनमोहन बाराकोटी तमाचा लखनवी‘, पी० एण्ड टी० ३/२, मालवीय नगर, ऐशबाग, लखनऊ

 

निज पर सदा भरोसा रखना- अपने मन में …………

निज पर सदा भरोसा रखना- अपने मन में धीर धर ।

आगे बढ़ते रहो साथियों- तुम लहरों को चीर कर ।।

 

तूफाँ से टकराकर तुमको- आगे बढते जाना है ।

हर बच्चे को देश भक्ति का- तुमको पाठ पढाना है ।।

 

सबको अपनी मातृभूमि प्रति- अपना फर्ज निभाना है ।

हम हैं सच्चे हिन्दुस्तानी – निज इतिहास बनाना है ।।

 

देश के प्रति क्या फर्ज तुम्हारा- बढ़ उसकी तामीर कर ।

आगे बढ़ते रहो साथियों- तुम लहरों को चीर कर ।।

 

जिन्हें देश से प्यार नहीं – उनका जीना धिक्कार है ।

देशद्रोह करने वाला – होता पूरा गद्दार है ।।

जब जब भारत की धरती पर- किया शत्रु ने वार है ।

तब-तब सारा देश हो गया- लड़ने को तैयार है ।।

 

सही फैसला लेने खातिर- पहले ठीक जमीर कर ।

आगे बढ़ते रहो साथियों- तुम लहरों को चीर कर ।।

 

मातृभूमि प्रति जीना- मरना ही अपनी पहचान है ।

भारत का हर बच्चा- भारत माँ की शान है ।।

सदा निछावर करता आया- इस पर अपनी जान है ।

ऐसे वीर सपूतों का ये- अपना हिन्दुस्तान है ।।

 

सदा देश के हित में अपना- तू चिंतन गम्भीर कर ।

आगे बढ़ते रहो साथियों- तुम लहरों को चीर कर ।।

 

मनमोहन बाराकोटीतमाचा लखनवी

 

 

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  1. Shailendra Mishra 18/08/2013

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