मिल के बरसो

मिल के बरसो I
मिल के बरसो II

भीगी भीगी बूँदें हमें सिखाती I
एकता का हमें पाठ पढ़ाती I
जब भी बूँदें मिल के आती,
बस यही हमें बात बताती II
चेहरा नहीं दिल को परखो,
मिल के बरसो I
मिल के बरसो II

चैन नहीं खोना एक पल  का I
नहीं भरोसा है कोई कल का I
साथ देना सदा निर्बल का,
चाहे कुर्ता हो मलमल का II
किसने देखा कल या परसों,
मिल के बरसो I
मिल के बरसो II

नेक रास्ता नहीं छोड़ना I
झूठ से रिश्ता नहीं जोड़ना I
सच से मुख नहीं मोड़ना ,
दिल किसी का नहीं तोड़ना II
जीवन में लहरायेंगे सरसों,
मिल के बरसो I
मिल के बरसो II

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गुरचरन मेहता 

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