मुख नहीं मोड़ना -दिल नहीं तोड़ना

मुख नहीं मोड़ना -दिल नहीं तोड़ना I
मुख नहीं मोड़ना -दिल नहीं तोड़ना II

जब दिल में प्यार हो – दिल बेकरार हो I
दिल का उधार हो – अँखियाँ यें चार हो I
जब लंबा इंतज़ार हो – दिल में भी इकरार हो I
चाहत का इज़हार हो – प्यार बेशुमार हो II
तो …..
मुख नहीं मोड़ना -दिल नहीं तोड़ना I

आसमान में लाली हो – कसम प्यार की खा ली हो I
फिर गौरी हो या काली हो- सामने बस घरवाली हो I
जब राज़ कोई खुलवाना हो – प्यार का एक बहाना हो I
जब अपनापन दिखाना हो – जब रूठा यार मनाना हो II
तो …..
मुख नहीं मोड़ना -दिल नहीं तोड़ना I

जब मौसम भी रंगीन हो – बातें भी नमकीन हो I
दिलवर भी हसीन हो – महबूब भी शौक़ीन हो I
जब जब चांदनी रात हो – हल्की हल्की बरसात हो I
सपनों की सौगात हो – हाथों में सनम का हाथ हो II
तो …..
मुख नहीं मोड़ना -दिल नहीं तोड़ना I

जब जब घटा घनघोर हो – संग में चित्त का चोर हो I
जब जुबां पर कुछ ओर हो – दिल में कुछ ओर हो I
बात का अपनी पक्का हो – मन का जब कोई अच्छा हो I
दिल का बेशक कच्चा हो – पर अन्दर से वो सच्चा हो II
तो …..
मुख नहीं मोड़ना -दिल नहीं तोड़ना I

जब जब दिल उदास हो – नज़रों में प्यास हो I
वो आस पास हो – जो दिल का ख़ास हो II
तो …..
मुख नहीं मोड़ना -दिल नहीं तोड़ना I

मुख नहीं मोड़ना -दिल नहीं तोड़ना I

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गुरचरन मेह्ता 

 

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