नया सवेरा लाना होगा

जब शान्तिपूर्ण आन्दोलन की, सुनवाई नहीं होती ।
सत्पथ सत्याग्रहियो की, अगुवाई नहीं होती ।।
तब उग्रवाद आन्दोलन ही तो आगे बढ़ता है ।
दावानल हिंसक आन्दोलन, आग उगलता है ।।
हिल उठता सिंहासन- सत्ता हरकत में आती है ।
तब सुलह और समझौते की, वह बात चलाती है ।।
यदि शान्तिपूर्ण आन्दोलन की, सच्चाई सुनी जाती ।
तब हिंसक, वारदात की ये, नौबत न आती ।।
सत्ता के नशे में चूर जब शासक हो जाते हैं ।
जनता को सच्चा न्याय नहीं, वे दे पाते हैं ।।
जब जनशक्ति का कारवाँ आगे बढ़ता है ।
लाकर नूतन क्रान्ति, नया इतिहास वो गढ़ता है ।।
बलिदानो की परम्परा में, रहे सदा हम आगे हैं ।
राष्ट्रधर्म, जनपथ से विमुख हो, कभी नहीं हम भागे हैं ।।
बिना क्रान्ति के शांति असम्भव, हमें क्रान्तिपथ जाना होगा ।
अन्धकार मिट सके विश्व में मनमोहन, नया सवेरा लाना होगा।।

– मनमोहन बाराकोटी ‘तमाचा लखनवी’

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    • Man Mohan Barakoti 20/08/2013

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