दिल

दिल में दिल का जब दीप जले दिलदार चहकने लगते है |
दोनों दिलवाले हो तो फिर ख़ुशबू से महकने लगते हैं ||
दिलवालों की इस दुनियाँ में दिल के सौदे का क्या कहना ?
बिकते हैं जो बिन कीमत के अनमोल खजाने लगतें हैं ||

दिल से दिल का जब राग बजे सरताज सरकने लगते है |
दिल में दिलवर की चाहत हो अंदाज बहकने लगते हैं ||
दिलवर से लगी हो जो तो फिर दिल्लगी रंग भी लाती हैं |
दिलवाले दिल की महफ़िल में दीपक से चमकने लगते हैं ||

दिल से दिल को आवाज लगे दिलसाज संवरने लगते हैं |
दिल की दारू जब दिल पे चढ़ें दिलबाज सिहरने लगते हैं ||
दिल दवा है दारू हैं या दुआ या असली फितरत कुदरत की ?
दिलवाले दिल पर राज करें बे दिल फ़क़ीर से लगते है ||

तूफ़ान झमेलों में भी तो दिलवाले दिलकश लगते है |
मिलने की कशिश हो जो दिल में शोले भी शबनम लगते हैं ||
दिल के बदले जो दिल देते उनको कोई भी कुछ समझे |
दिलदारों के न्यायालय में दोनों दानी से लगते हैं ||

दिल से दिल को जो हवा मिले गुल दिल के महकने लगते हैं |
दिलदार दुखित जब होते हैं दिल दोनों सिसकने लगते हैं ||
ये धर्म सभी असली दिल के नकली पत्थर दिलदार न हो |
मिल गये अगर नकली दिलवर दिल आग के गोले लगते हैं ||

दिल से दिल को जिसने लूटा वे दिल के दुश्मन लगते हैं |
दिल तोड़ छोड़कर जो भागे वे कायर बिन दिल लगते हैं ||
दिल जन्नत हैं या चार धाम दिल ख़ुदा या फिर राम श्याम ||
सच्चा रहस्य जो बतलाएं निर्मल दिल ईश्वर लगते हैं ||

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