आये दिन का अत्याचार

आये दिन का अत्याचार सबके सामने है ,
हर रोज का अखबार सबके सामने है ,

अनपढ़ है जो यकीनन शरीफ है ,
पढ़े-लिखों का व्यवहार सबके सामने है ,

जिले में करोड़ो का बज़ट आया है,
कौन-कौन है हिस्सेदार सबके सामने है ,

दीखती ही नहीं हमे खुद की बेईमानी ,
दूसरो का भ्रष्टाचार सबके सामने है,

वे ही ईमानदार है जिन्हें मौका नहीं मिला,
यहाँ कौन है ईमानदार सबके सामने है ,

हज़ारों मठ है यहाँ स्वयंभू देवताओं के ,
उनका भी सदाचार सबके सामने है ,

एक रहनुमा है जो आइना दिखाते है हमें ,
उनका भी शिष्टाचार सबके सामने है .

2 Comments

  1. शुभम् श्रीवास्तव 'ओम' शुभम् श्रीवास्तव 'ओम' 05/08/2013
    • prem narain premnarain 23/08/2013

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