ग्रहों का बलाबल

काल बल

जातक जन्म पाव जो रजनी | काल बली कुज चन्द्र अरु शनी ||
जो जातक जन्मै दिन मांही | सूर्य  शुक्र  बुध  बली     कहाहीं ||

स्थान बल

स्व गृह उच्च मित्र ग्रह पड़ें जो निज द्रेश्काण |
सो  जानहु  स्थान  बल सब ग्रह केर प्रमाण  ||

दिग्बल

बुध गुरु लग्न सुह्रद शुक्र शशि | सप्तम शनी दिग्बली कहायसि |
दशम सूर्य कुज दिग्बल जाना | बन्दहु सब ग्रह का करी ध्याना ||

नैसर्गिक बल

शनि से कुज ,कुज से बुध जाना |बुध से गुरु गुरु से शुक माना ||
शुक से चन्द्र ,चन्द्र से दिनकर  | होहि नैसर्गिक बल उत्तरोत्तर ||

द्रग्बल

शुभ ग्रह द्रष्ट द्रग्बली कहावै |द्रष्टि पाइ ग्रह बल बढि जावै ||

चेष्टा बल

मकर कुम्भ वृष मेष झष मिथुन राशि परमान |
इनमें  शशि  संग  ग्रह  पड़ें तो चेष्टा बल  जान  ||

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  1. KIRAN WALJEE 04/08/2013

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