दूर के ढोल सुहाने निकले

दूर के ढोल सुहाने निकले
वे भूखमरी मिटाने निकले,

कितना कौन गरीब यहाँ है
एक से एक पैमाने निकले,

कहाँ मिलेगा सस्ता खाना
नेता लोग बताने निकले,

घोटालो के मुल्क में यारों
उजले लोग सयाने निकले,

ईश्वर कितना धनी यहाँ है
मंदिर में तहखाने निकले,

छोड़ के घर में बूढ़ों को
बच्चे लोग कमाने निकले,

जब भी उससे हाथ मिलाया
हाथ नहीं दस्ताने निकले,

2 Comments

  1. SUHANATA SHIKAN SUHANATA SHIKAN 02/08/2013
    • prem narain premnarain 23/08/2013

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