नक्षत्रों के चार चरण

अश्वनी -चू ,चे ,चो  ,ला |
भरणी -ली ,लू ,ले ,लो |
कृतिका -अ ,ई ,उ ,ए |
रोहिणी -ओ ,वा ,वी ,वू |
मृगशिरा -वे  ,वो ,का ,की |
आर्द्रा -कु ,घ ,ङ,छ |
पुनर्वसु -के ,को ,हा ,ही |
पुष्य -हू ,हे , ,हो ,डा |
आश्लेषा -डी ,डू, डे ,डो |
मघा -मा ,मी,मू ,मे |
पूर्वा फाल्गुनी -मो ,टा ,टी ,टू |
उत्तरा फाल्गुनी -टे ,टो ,पा ,पी |
हस्त -पू ,ष ,ण ,ठ |
चित्रा -पे ,पो ,रा ,री |
स्वाती -रु ,रे ,रो ,ता |
विशाखा -ती ,तू ,ते ,तो |
अनुराधा -ना ,नी , नू ,ने |
ज्येष्ठा -नो ,या ,यी ,य़ू |
मूल -ये ,यो ,भा ,भी |
पूर्वा षाढ -भू ,ध ,फ ,ढ |
उत्तरा षाढ -भे ,भो ,जा ,जी |
श्रवण -खी ,खू ,खे ,खो |
धनिष्ठा -गा ,गी ,गू ,गे |
शतभिष -गो ,सा ,सी ,सू |
पूर्वा भाद्रपद -से ,सो , दा ,दी |
उत्तरा भाद्रपद -दू ,थ ,झ ,ञ,|
रेवती -दे ,दो ,चा ,ची |

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