इश्क कि ख्वाहिस ने मुझे शायर बना दिया

इश्क कि ख्वाहिस ने मुझे शायर बना दिया
आप कि ख्वाहिस ने यहाँ तवायफ बना दिया
हम ने तो कि थी बस मोहब्बते इजहार हि
आपने युही  उसे एक  शिकायत बना दिया
महफिल जो थि आप की वो मेरी जुरुरत थी
दिल तोडकर आपने रियाशत बना दिया
हमने तो किया था आपसे महज एक अर्जी
सजा सुना कर आपने  बगावत बना  दिया
आपके दिवाने बहुत रईशो से रइश है
जीने कि तमन्ना मे अब किफायत बना दिया
हरि पौडेल

Leave a Reply