अब बिन तेरे सुना हैं संसार

जब जब तुमसे मुलाकात होती हैं ,
मेरे दिल में कोई गीत उतर आता हैं
सामने आ जाते हो तुम ,
मेरा सुना सा जहाँ रंगीन हो उठता हैं
मैं सोचती हूँ तुमसे क्या करूँ बातें
पर तेरी हर बात पर मेरा दिल झूम उठता हैं
जब अकेली भी होती हूँ मैं,
तब भी तुम मेरे करीब होते हो
मेरी यादों में, मेरी साँसों, मेरी ख्वाइशों में बसे
तुम ही तो दिल के नजदीक होते हो
नींद में भी आती हैं तुम्हारी याद
लगती नहीं अब स्याह रात
तेरा आना भी अब मुझे अजीब नहीं लगता
तेरे आने पर मुझ सा खुशनसीब न कोई होता
तेरी हर मुस्कराहट पर मेरा दिल निसार
अब बिन तेरे सुना हैं संसार
-श्रुति राय

3 Comments

  1. mewa singh rana 22/03/2014
  2. अरुण अग्रवाल अरुण जी अग्रवाल 29/10/2014
  3. Chirag Raja 05/08/2015

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