मेरे जीवन हो तुम

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तुम मेरे लिए दोस्त से ज्यादा कुछ हो,
पहली मुलाकात में ही जान लिया था मैंने
कुछ पलों की बातचीत में ही ऐसा लगा
जैसे, सदा से जानती रही हूँ तुम्हें
तुम्हारा सरल सहज स्वभाव ,
मेरी परेशानियों को क्षण भर में समझ लेना
कितना अच्छा लगता हैं मुझे
तुम्हारा हिम्मत बढ़ाना
कुछ कर दिखाने के लिए प्रेरित करना
जोशीला बनाता हैं मुझे

एक तुम ही तो हो,
जिसके साथ बाँट सकती हु मैं दिल के सारे राज

बता सकती हूँ खुल के अपनी भावनाओं को
जानती हूँ, तुम सलाह तो दोगे
पर कहोगे अपने दिल की बात मानने को

सच में तुम्हें प्यार करना ही इतना प्यारा हैं
जब होता हैं तुम्हारे हाथ में मेरा हाथ
स्वर्ग से भी प्यारा लगता हैं मुझे सारा जहां

मन करता हैं वक़्त को थाम लूं
बस तेरा ही नाम लूं
वैसे भी वक़्त कहाँ मिलता हैं आपको
पर आपका कभी कभी मिलना ही
मुझे सारी खुशियाँ दे जाता हैं
पल भर के लिए भी आपका बात करना
मुझे जन्नत सा लगता हैं

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पता हैं मुझे वक़्त न भी हो
तब भी हम रहेंगे साथ साथ
मन तो हो ही चूका हैं आपका
पर एक डर सा भी हैं
अगर कहीं बिछुर गए हम
तो कैसे रह पाऊँगी मैं
मेरे जीवन हो तुम
मेरे प्यार, मैं सब कुछ बताना चाहती हूँ तुम्हें
बांटना चाहती हु तुम्हारे साथ
मेरी खुशियाँ भी, मेरी परेशानियाँ भी
मेरी ही क्यूँ, तुम्हारी भी

अब वो मेरा-तेरा कहा रहाँ
अब तो वो हमारा हो गया हैं
-श्रुति राय

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