जो देखोगे दर्पन तो हम आयेंगें नजर

जो देखोगे दर्पन तो हम आयेंगें नजर,
ना मिटा सकोगे वो लकीरे जो दिखेंगी उम्र भर,
वक्त बे वक्त अपने अक्स से पूछ्ना, क्या पाया क्या खोया तुने सफर दर सफर,
ना साथी ना सपना ना रहा कोई अपना, अब कहेगा किसे तु अपना हम सफर !!

4 Comments

  1. Gurcharan Mehta 'RAJAT' Gurcharan Mehta 27/07/2013
    • Muskaan 28/07/2013
  2. SUHANATA SHIKAN SUHANATA SHIKAN 27/07/2013
    • Muskaan 28/07/2013

Leave a Reply