बारिश और जिन्दगी

खुशनुमा यादो की रिमझिम के सहारे,
बीतेगी अब सारी जिन्दगी आगे,
दर्द भरे सूखे पलो को भुलाके,
तू जी ले जिन्दगी हंसते गाते !!

बारिश की ्मस्त मस्त बून्दो मे नहा ले,
चाय की चुस्की के संग अपने गम भुला दे,
जरूरी नही कोई साथ हो भीगने के लिये,
अपने सपनो के साथ बारिश मे धूम मचा ले !!

बरसते पानी के संग उमंग जागा ले,
रोतो को हंसना और गुनगुनाना सिखा दे,
जो केह्ते है तू कुछ नही उनके सामने,
उन्हे अपने पन्खो की उडान दिखा दे !!

नूतन हरियाली की सुन्दरता का मजा ले,
उन्ही की तरह अपनी जिन्दगी मे भी नवीन स्फूर्ती भर दे,
एह्सास ऍ गम को दूर कर अपने पिटारे से,
रंज बिरंगी खुशियो का पिटारा खोल के अपनी जिन्दगी को रंग दे !!

2 Comments

  1. senoritalove 25/07/2013
    • Muskaan 27/07/2013

Leave a Reply