अनोखे बंधन ज़िन्दगी के

प्रीत से बंधी है रीत और रीतों से बंधें हैं हम
सुर से बंधें हैं गीत और गीतों से बंधें हैं गम
गोरी से बंधी है पायल और पायल से छम-छम
प्यार से बंधें हैं वादे और वादों से बंधी है कसम

जड़ों से बंधें हैं पेड़ और पेड़ों से बंधी हैं शाखें
नमी से बंधें हैं आंसू और आंसुओं से आँखें

कवियों से बंधें हैं छंद और छंदों से बंधी है कविता
जल से बंधा सागर ओर सागर से बंधी है सरिता

इंसानों से बंधी है आत्मा और आत्मा से परमात्मा
भगवान् से बंधे हैं भक्त और भक्तों से बंधी है साधना

लहरों से बंधें हैं किनारे और किनारों से बंधे है सहारे
आकाश से बंधें हैं तारे और तारों से बंधे है सितारें

वास्तविकता से बंधी है आशा ओर आशा से निराशा
हम सभी बंधें हैं आपस में ओर हमसे बंधी है भाषा

नींदों से बंधें है सपने और सपनो से बंधी है सच्चाई
ईमान से बंधी है पवित्रता ओर पवित्रता से अच्छाई

समर्थन से बंधी है निष्ठा और निष्ठा से बंधा है अनुराग
अभिलाषा से बंधी है लालसा ओर लालसा से आग

रूचि से बंधा है उत्साह ओर उत्साह से जीवन
तृष्णा से बंधा है तन और तन से बंधा है मन
——————————————————–

गुरचरन मेह्ता

Leave a Reply