मुझे पसंद नहीं

अपनी बीवी पर किसी का हुकुम चलाना – मुझे पसंद नहीं
किसी का उसकी ओर जरा आँख उठाना – मुझे पसंद नहीं
क्या बताऊँ यारों सब प्यार से मुझे ही बुलाते हैं “किसी”
इसलिए किसी को भी अपना नाम बताना – मुझे पसंद नहीं

बेलन लगता है तो लग जाए बेशक, मगर,
बेगम का यूँ निशाना लगाना – मुझे पसंद नहीं

जो चीज़ बनी है जिसके लिए वंही करो न इस्तेमाल,
अब झाड़ू का यूँ तलवार बनाना – मुझे पसंद नहीं

कभी कभी पुरे परिवार को डिनर पर ले जाता हूँ मैं,
क्यूंकि रोज रोज बीवी संग बर्तन धुलवाना – मुझे पसंद नहीं

के ले दिए हैं १०-१२ क्रेडिट कार्ड बेगम को मैंने,
भैया यूँ कैश में हर जगह शोपिंग कराना – मुझे पसंद नहीं

मांगे पूरी कर देता हूँ मै बेगम की हमेशा टाइम पर,
थका-मांदा घर लौंटू, उस फिर पिटना-पिटाना – मुझे पसंद नहीं

सरदर्द बेग़म का मुझे परेशान करता है हरदम,
पहले बाम लगाना फिर सर दबाना – मुझे पसंद नहीं

शादी का ये लड्डू होता है कैसा, जरा पूछे कोई मुझसे,
हलवाई की दूकान के आगे से भी निकल जाना – मुझे पसंद नहीं

झगड़ा बेगम से वो भी सर्दियों में, यह मुमकिन नहीं,
ठिठुर-2 कर बिना कम्बल, रात घर से बाहर बिताना – मुझे पसंद नहीं

के करोड़पति परिवार की इकलोती बेटी है मेरी बेगम,
कैसे कहूँ , ससुर जी, कि ये कबाड़खाना – मुझे पसंद नहीं

बताईं हैं मैंने गिनती की बातें ही आपको जनाबे-आली,
अब सभी को यूँ हाल-ए-दिल बताना – मुझे पसंद नहीं
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गुरचरन मेह्ता

3 Comments

  1. Sanjay Bhaskar Sanjay bhaskar 25/07/2013
  2. Sanjay Bhaskar Sanjay bhaskar 25/07/2013
  3. Gurcharan Mehta 'RAJAT' Gurcharan Mehta 25/07/2013

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