पहली जुलाई

आज फिर आकाश को बादलों ने घेरा

फिर जमीं से हवा ने खुशबु चुराई

मिट्टी की सुगंध ने याद दिलाई पहली जुलाई

पहली जुलाई यानि सुबह जल्दी-2  जागना

नए-नए बस्ते में नई-2 किताबें रखना की

नई कलम से अपना नाम पहले पेज पे लिखना

स्कूल के रास्ते में पानी से भरे गढे पे उछलना

और याद आता है जूतों के छेद से पानी का बहना

कक्षा में प्रवेश करते ही पहली डेस्क लूटना

और दोस्तों की टिफन से नाश्ता चुराना

और छुट्टी के लिए नित नए दिन बहाने बनाना

साल दर साल उसी रास्ते पे चलते-2 कदम बड़े हो गए

स्कूल के रस्ते कॉलेज को पहुँच गए

बचपन के दिन पानी के बुलबुलों से बह गए

देखते ही देखते कॉलेज के दिन भी गुजर गए

आज फिर जुलाई हैसुबह जल्दी से जाग हूँ

दिन भर इस दफ्तर से उस दफ्तर भागा हूँ

किसी ने कहा – मुझे अंग्रेजी नहीं आती

किसी ने कहा – मेरी पर्सनालिटी सही नहीं है

किसी ने कहा – मेरे पास एक्सपीरियंस नहीं है

तो किसी ने कहा – मेरे पास पैसे नहीं है

आज फिर पहली जुलाई है

हाथों में किताबों की जगह डीग्रीओं की फाइल है

बारिश में धुल रही जिसकी स्याही है

हैं आज भी गड्ढे सड़कों पर बहुत पानी से भरे

पर चलने का अब साहस नहीं

पहले बोझ था बस्तों का

अब जिंदगी कंधो पे बैठ गई है

आज भी पहली जुलाई है

आज फिर पहली जुलाई है………

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