बातों से मोहब्बत

बातों से मोहब्बत दिल से उजड़ने की फरियाद करते है |
हाथो से बिगाड़े आसियाने जुबाँ से आबाद करते है |
हमसे रूठे है फिर भी गैरों से मेरी बात करते है |
शायद इसीलिए उजड़ कर भी हम उन्हें याद करते है |

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