बद्ले दिल की रितु….

जब दिल मे दर्द भरा हो,
बहार भी सूनी लगती है !!
जब आन्ख मे सूनापन हो,
बर्सात भी सूखी लगती है !!
जब सपनो को न पन्ख लगे,
आन्धी भी मद्धम लगती है !!

सब जग वैसा ही होता है,
कुछ् भी नही बदलता है !!
बस बद्ले दिल की रितुओं से,
देख्ने का नझरिआ बदलता है !!

पत्झर भी बहार सी लगती है,
जब दिल मे खुशियां होती है !!
पत्थर भी प्यारा लगता है,
जब दुआएं कुबूल होती है !!
मोती बन जाते है आन्सु भी,
जब मेहनत रंग लाती है !!

9 June 2013

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  1. Gurcharan Mehta 'RAJAT' Gurcharan Mehta 10/07/2013

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