तैयार हो जा

जिन्दगी में आगे बढना है तो ठोकर खाने के लिए – तैयार हो जा
दुनिया से लड़ पगले और ज़माने के लिए – तैयार हो जा

चाहता है जो इश्क करना लैला से प्यारे बीच बाज़ार
तो मजनू की तरह पत्थर खाने के लिए – तैयार हो जा

जितना दायरा है तेरा उतनी ही मिलेगी रहमत तुझे
मिले फूल बहुत से, अब कांटो से निभाने के लिए – तैयार हो जा

एक बार जो दुनिया तेरी उजड़ गई तो क्या हुआ
फिर से उठ और नई दुनिया बसाने के लिए – तैयार हो जा

इन्द्रधनुष के यह रंग तेरे लिए ही तो हैं, जो समझें
एकत्रित कर इन्हें और एक नई तस्वीर बनाने – तैयार हो जा

राजा राम की तरह करना चाहता है राज तो निर्दोष होते हुए भी
जानकी को बनवास भिजवाने के लिए – तैयार हो जा

उम्मीद की किरण जो अब भी हो कहीं तेरे अन्दर तो
बन सुदामा, बाँध पोटली, द्वारका जाने के लिए – तैयार हो जा

जिन्दगी के खूबसूरत गीत को लिख दिल की कलम से
सुर सजा और फिर गुनगुनाने के लिए – तैयार हो जा

दुनिया के सर्कस में जीवन का तमाशा लेकर जब आ ही गया
तो बन जा जोकर और सभी को हंसाने के लिए – तैयार हो जा

तेरे चेहरे का प्रकाश और मुस्कान ही तेरी पहचान है
तो चल संसार के दुःख-दर्द मिटाने के लिए – तैयार हो जा

कल खाई थी तूने कसम न छुऊँगा अब कभी मैं को
रात गई बात गई, चल अब मैखाने के लिए – तैयार हो जा

अपनों को चाहा, निबाहा तूने और भरोसा भी किया
अब अपनों से सुनना है जो उस ताने के लिए – तैयार हो जा

ये दुनिया तुझे पतंग भी देगी, डोर भी , और फिर कहेगी “चरन”
चल अब बरसात में उड़ाने के लिए – तैयार हो जा

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गुरचरन मेह्ता 

4 Comments

  1. Krishna Das 07/07/2013
    • Gurcharan Mehta 'RAJAT' Gurcharan Mehta 08/07/2013
  2. Muskaan 08/07/2013
    • Gurcharan Mehta 'RAJAT' Gurcharan Mehta 08/07/2013

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