मत करना

ग़मों से खुद को कभी बेज़ार मत करना
अपने आपको किसी पर निसार मत करना
किसी को दिल दो तो उसका दिल ले भी लेना
इस मामले में कभी उधार मत करना

समय देकर भी कोई ना आये , तो इंतज़ार मत करना
और ग्रहण लगा हो जब, तो चाँद का दीदार मत करना
धोखा, ढूंढता रहता है मौक़ा, मै जानता हूँ
किसी अन्जाने पर कभी ऐतबार मत करना

दया करना, पर किसी पर कृपा अपार मत करना
गल्ती हो गई तो हो गई पर हर बार मत करना
नदी बहती हो जब अपनी रवानी में छल-छल
आवेश में आकर नदी को पार मत करना

मन में इन्कार की गुंजाईश हो तो इज़हार मत करना
दिल के किसी कोने में शक हो फिर प्यार मत करना
समय का पहिया घुमा तो फिर घूम ही जाएगा
समय का मेरे यार कभी तिरस्कार मत करना

ख़ुशी के पल ख़ुशी से जीना इन पलों को बेकार मत करना
आगे बढ़ते रहना सदा मगर कभी अहंकार मत करना
दोस्त बनाना, दोस्ती करना , ओर निभाना भी
दुश्मनी के बीज बोकर, दुश्मन तैयार मत करना

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गुरचरन मेह्ता

3 Comments

  1. राजेशः चौहान 07/07/2013
    • Gurcharan Mehta 'RAJAT' Gurcharan Mehta 08/07/2013

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