माँ बाप का तो क़र्ज़ अदा तुम्हे करना पडेगा

माँ बाप का तो क़र्ज़ अदा तुम्हे करना पडेगा
आज नहीं तो कल तुम्हे भी भरना पडेगा
माँ बाप….

कितने लाड प्यार से पाला ये कैसे जानोगे
दिया तुम्ही ने देश निकाला ये कैसे मानोगे
तिल-तिल तुम्हे भी एक दिन मरना पडेगा
माँ बाप….

माँ ने काटी रातें गीली सूखे में तुम्हे सुलाया
पिता ने भी दिन-रात बस तेरे लिए ही कमाया
पतझड़ की तरह एक दिन तुम्हें भी झड़ना पडेगा
माँ बाप….

इक पल का भी चैन नहीं जब तुझको मर्ज़ था
हाँ जो किया उन्होंने तेरे लिए ये उनका फ़र्ज़ था
इसी रास्ते से एक दिन तुझे गुजरना पडेगा
माँ बाप….

तेरी ख़ुशी में आँखें माँ नम कर लेती थी
आंसू ना गिरें जमीं पर आँचल भर लेती थी
इक दिन तुम्हे भी खुद से ही यूँ लड़ना पडेगा
माँ बाप….

चिड़िया चोंच में भर लाती है जैसे दाना
अब फ़र्ज़ समझ या मजबूरी तुझको है निभाना
सोच जरा नई फसल पर असर क्या वरना पडेगा
माँ बाप….

माँ बाप का तो क़र्ज़ अदा तुम्हे करना पडेगा
आज नहीं तो कल तुम्हे भी भरना पडेगा

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गुरचरन मेह्ता 

One Response

  1. Muskaan 20/06/2013

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