बुरी बात है

किसी का फूल सा दिल यूँ तोड़कर जाना – बुरी बात है
किसी की प्यार से दी गई चीज़ को ठुकराना – बुरी बात है

ऐसा न हो कि कुछ करने को वो मजबूर हो जाए
किसी कमज़ोर का मजाख उड़ाना – बुरी बात है

जाना है एक दिन हमें भी वंहा, मेरी सरकार
किसी की मैयत देख कर मुस्कुराना – बुरी बात है

के उम्र भर पानाह दी गद्दारों को
ओर फिर हज पर मौलाना – बुरी बात है

हम जानते हैं करते हो तुम मोहब्बत हमसे
प्यार सच्चा और कसमे झूठी खाना – बुरी बात है

इश्क कर तू शौंक से मेरे यार मगर
वादा करना फिर न निभाना – बुरी बात है

के कूड़ा बन चुकी है दो मुल्कों की कहानी यंहा
सियासत की माचिस से यूँ आग लगाना – बुरी बात है

किस कदर टूटे हैं सपने तुम्हें क्या मालुम
बहारों के यूँ सब्ज़ बाग़ दिखाना – बुरी बात है

कहानी भरोसे की नहीं प्रेम की है, जो समझो
अरे! प्यार नहीं फिर भी जताना – बुरी बात है

मैं के लिए घर भर में संघर्ष कैसा
घर बुलाना, यूँ महफ़िल ज़माना – बुरी बात है

के सुख में तो सभी के साथ चले तुम “चरन”
और दुःख में यूँ पीछा छुड़ाना – बुरी बात है

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गुरचरन मेह्ता 

2 Comments

  1. Muskaan 16/06/2013
    • Gurcharan Mehta 'RAJAT' Gurcharan Mehta 17/06/2013

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