वो नही तेरा अपना…

वो नही तेरा अपना जो दगा दे तुझे,
वो नही तेरा अपना जो सजा दे तुझे !!

भुला दे तु उसको जो रुला दे तुझे,
वो शक्स भी रोयेगा जिसने रुलाया तुझे !!

न कहना है अब कछ न सुनना है बाकी,
खामोशी ही हर तरफ अब मिलेगी तुझे !!

पतझड मे जैसे बिखरते है पत्ते ,
बिखरेगा वो भी जिसने बिखेरा तुझे !!

सावन मे याद वो भी करेगा तुझे,
जब बून्दों के साथ भीगेन्गी उसकी पलके !!

भर भर के आन्सु आन्येन्गे पिघ्लेगा वो पत्थर भी तब,
कन्धा न होगा पास रोने के लिये !!

15 June 2013

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  1. Gurcharan Mehta 'RAJAT' गुरचरन मेह्ता 15/06/2013

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