कौन हु मैं…

कागज़ पे लिखूं कैसे खुद को ,
अरमानों का मैं काफिला हूँ !!

लव्जों को करूँ कैद कैसे ,
मैं उडती हुई मैना हूँ !!

महफ़िल रास आई न मुझको,
तन्हाई का वो आंसू हूँ !!

ढूँढती है बहारों का रास्ता,
मैं वो पतझड़ की रेत हूँ !!

सुर न लगाए किसी ने,
मैं वो बेगाना साज़ हूँ !!

सवाल हैं जिसके अधूरे
ऐसी अनदेखी किताब हूँ !!

तलाश सुकून की है जिसको,
मैं वो तूफानी लहर हूँ !!

मालूम नहीं मंजिल की डगर जिसको,
मैं वही अनजानी मुसाफिर हूँ!!

1 June 2013

3 Comments

  1. Gurcharan Mehta 'RAJAT' Gurcharan Mehta 01/06/2013
    • Muskaan 01/06/2013
  2. SUHANATA SHIKAN SUHANATA SHIKAN 06/06/2013

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