शायरी

जो खबर रखते थे हमारी एक एक पल की कभी,
आज हमारी सान्सों का रुकना भी बेमानी है उनके लिये,
याद उन्हे करके रोये भी तो रोयें कैसे,
वो बेवफा तो भूले है हमे किसी और के लिये !!

May 30 , 2013

2 Comments

  1. Gurcharan Mehta 'RAJAT' Gurcharan Mehta 31/05/2013
    • Muskaan 31/05/2013

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