बहन के दिल की आवाज़

ख़ुदा का सबसे अनमोल तोहफ़ा बेटी है,
जिसकी ज़िन्दगी अभी तक रोते हुए बीती है,
हसना जिसकी क़िस्मत में नहीं,
रोना ही जिसकी फिदरत बनी।।

भाईयों की तकरार में पिस सी जाती है,
घर की दीवार में रीस सी जाती है,
वो सोचती है ये मुश्किल कैसे सहूँ,
कौन से भाई से पहले कहूँ।।

साथ तो वो आयेंगे नहीं,
बनके एक ढाल मुघे बचायेंगे नहीं,
उनके लिए तो उनका अहम पहले,
चाहे उनकी ये बहन कुछ भी सहले।।

इससे कहा तो उसने साथ छोड़ा,
उससे कहा तो इसने मुँह मोड़ा,
ये सोचकर वो सहम सी जाती है,
सांसे बस चलती है,लेकिन आत्मा मर जाती है।।

सम्भाल लो उसे,मत मारो उसे जीते जी,
जो हर साल राह देखती है राखी की,
रखलो उसकी राखी का मान,
लौटा दो उसे उसका सम्मान।।

भाई-बहन से प्यारा कोई रिश्ता नहीं,
बहन से ज्यादा और कोई रिश्ता पिसता नहीं,
बचा लो उसे इस अंधियारे से,
पहुंचा दो उसे फलक के उजियारे में।।

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  1. SUHANATA SHIKAN SUHANATA SHIKAN 24/05/2013

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