अकेले तुँ आता अकेले तुँ जाता

रिश्ता न नाता न दोस्ती न भ्राता
अकेले तुँ आता अकेले तुँ जाता
मोह किस चिजका जो तेरा नही है
उसी ने दिया है उसिका तुँ खाता
करो भला जब तक जो कर पाते हो तो
जो करता वहि है उसिको फिर पाता
जिसे मेरा तुम कहते हो कभी था किसिका
तुझे मिला उससे जिसे कहते है विधाता
न बडा कोइ पुजारी न बडा कोइ देव है
सबसे बडी दुनियाँ मे बस है अपनी माता
हरि पौडेल

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