चार पन्क्तियां

सीने मे जिसके दिल नही,
वो क्या समझेगा दिल की तडप को,
ये नश्तर तो उसी ने दिया है,
वो क्या समझेगा इसकी चुभन को !!

10 May 2013

2 Comments

  1. Gurcharan Mehta 'RAJAT' Gurcharan Mehta 11/05/2013
  2. Tejinder 16/05/2013

Leave a Reply