कोई याद सलोनी सी……

कोई याद सलोनी सी, कोई बात पुरानी सी,
आँखों से जारी है, अश्कों की रवानी सी,
हंस के किसी से मिलना, लगता है कहानी सी,
कोई मुझ को लगती थी, ख्वाबों की रानी सी,
मेरी राहे तकती थी, पागल सी दीवानी सी,

बचपन के बीते दिन, लगते है नादानी से,
आज जब वो मिले, लगे कितने बेगाने से ।

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