मुझे मालुम है हर सवाल का जवाब नहीं मिल सकता

मुझे मालुम है हर सवाल का जवाब नहीं मिल सकता,
पर बहुत से सवाल अभी बाकी हैं ।
मुझे मालुम है हर ख्याल पूरा नहीं हो सकता,
पर बहुत से ख्याल अभी बाकी हैं । ।

चीजें कुछ ऐसे भी हैं जो मिल जाती हैं,
पर तरसना पड़ता है,
जानते हम वफ़ा अपनी पर बन कर आस्तीन का सांप,
डसना पड़ता है,
जानते हैं निकल जायेगे हम इस जी के जंजाल से,
पर फंसना पड़ता है,
रोने का मन होता कभी-कभी हमारा भी,
पर हंसना पड़ता है,
मुझे मालुम है हँसते हुए रास्ते कट जाते हैं,
पर बहुत से बबाल अभी बाकी हैं ।
मुझे मालुम है हर सवाल का जवाब नहीं मिल सकता,
पर बहुत से सवाल अभी बाकी हैं ।।

कंगन होते हैं हमेशा से हाथों में सजने को,
पर बहुत से कंगन फोड़ने पड़ते हैं,
नाजुक होते हैं कुछ बंधन कच्चे धागे की तरह,
पर बहुत से बंधन तोड़ने पड़ते हैं,
चन्दन के पेड़ जिन्हें अक्सर पूजते हैं लोग,
पर बहुत से चन्दन गलाने पड़ते हैं,
चाहता है हर इंसान की वो जीता ही जाये,
पर आखिर में इंसान जलाने पड़ते हैं,
मुझे मालुम है जल जाऊँगा मैं आग से खेलकर,
पर बहुत सी चाल अभी बाकी हैं ।
मुझे मालुम है हर सवाल का जवाब नहीं मिल सकता,
पर बहुत से सवाल अभी बाकी हैं ।।

कुछ वायदे किये जाते हैं शायद तोड़ने के लिए,
पर निभाना पड़ता है,
मन नहीं होता कभी किसी से बात भी करने का,
पर मनाना पड़ता है,
कुछ ऐसी भी जगह हैं जहाँ कोई जाना नहीं चाहता,
पर जाना पड़ता है,
गुनगुनाने से होती है कभी-कभी नफरत भी आपको,
पर गाना पड़ता है,
मुझे मालुम है इस गाने-गुनगुनाने से जिन्दगी नहीं चल सकती,
पर बहुत से तबलों की ताल अभी बाकी है ।
मुझे मालुम है हर सवाल का जवाब नहीं मिल सकता,
पर बहुत से सवाल अभी बाकी हैं।।

चाहते हैं न तोलें आपके कटाक्षों को उस तराजू में,
पर तोलना पड़ता है,
जब नहीं देता कोई जवाब बार-बार कहने पर,
तो मुहँ खोलना पड़ता है,
नहीं चाहते हम भी, दोहरायें एक ही बात को कई बार,
पर बोलना पड़ता है,
जब मन भटकता है इधर से उधर – उधर से इधर,
तो मन टटोलना पड़ता है,
मुझे मालुम हैं मेरी सब बातें, नहीं पता तो आपकी  हाँ-ना,
लगता इस तरफ से बहुत सी टाल अभी बाकी है ।

मुझे मालुम है हर सवाल का जवाब नहीं मिल सकता,
पर बहुत से सवाल अभी बाकी हैं।।

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गुरचरन मेह्ता 

 

2 Comments

  1. Paudel Hari Paudel 27/04/2013
  2. Muskaan 29/04/2013

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