मैं भी इक दिन गीत लिखूँगा

मैं भी इक दिन गीत लिखूँगा

इक दिन मैं भी लिखूँगा कविता
मैं भी इक दिन गीत लिखूँगा

अभी आजकल बहुत व्यस्त हूँ समय नहीं बिल्कुल मिल पाता
एक निमिष भी हाथ न लगता जिसमें कुछ नग्मे गा पाता
पाँच जॉब में व्यस्त आजकल ऐसी कुछ मेरी दुनिया है
सिवा मेरे हर किसी को कविता लिखने की सुविधा है
छोड़ नौकरी जब आऊँगा
तब स्वर्णिम संगीत लिखूँगा
इक दिन मैं भी गीत लिखूँगा

पहला जॉब नौकरी मेरी जो दस घण्टे ले जाती है
और दूसरा मेरी बीवी जो बाकी दिन हथियाती है
तीजा चौथा सोशल और वौलन्ट्री काम मेरा होता है
और पाँचवाँ बच्चों की फरमाईश जिसमें मन खोता है
हार रहा हूँ रोज समय से
इक दिन अपनी जीत लिखूँगा
मैं भी इक दिन गीत लिखूँगा

नाटक मुझको लिखने होते लिखने पड़ते कई सिलेबस
और किचन का काम हमेशा मुझको कर जाता है बेबस
रोज फोन पर मुझे दोस्तों से भी बाते करनी होतीं
दिन के साथ ऐसे ही मेरी सारी रातें खोतीं
दादी नानी ने सिखलाई
जो मुझको वह रीत लिखूँगा
इक दिन मैं भी गीत लिखूँगा

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