साथी मेरा हर सपना है…

साथ मेरे ये सपना है,
पास मेरे कोई अपना है।
कल तक था हर शक्स बेगाना,
अब साथी मेरा हर सपना है ॥

कितनी बार इस दुनिया में,
अपनों को आजमाया है।
अब जाके सीखा हमने,
खुद ही खुद को अपनाना है ॥

खुद को ही साथी बना,
जीवन पथ पर चलना है ।
फिर न कभी दगा मिले न मिले तुझे निराशा,
हर हाल में मिलना तुझे बस खुशियों का खजाना है ॥

17 April 2013

5 Comments

  1. Tejinder Kaur 18/04/2013
  2. arun 18/04/2013
    • Muskaan 22/04/2013
  3. Onkar Kedia 20/04/2013
    • Muskaan 22/04/2013

Leave a Reply