हम उनके दिल में रहते हैं !

ख्वाब बन पलकों में रहते हैं,
अश्क बन आँखों से बहते हैं,
वो हमारे दिल में,
हम उनके दिल में रहते हैं !

बेकरारी उनसे है,
चैन उन्ही से पाते हैं,
दिल में धड़कन बन,
शरीर में रूह बन के रहते हैं !

इंतज़ार एक उन्ही का,
हर आहट पे करते हैं,
शायद उन्हें खबर भी नहीं,
दिल-ओ-जान से उनपे मरते हैं !

सासों में बसे हैं वो,
उनके नाम से ही जीते हैं,
वो हमारे दिल में,
हम उनके दिल में रहते हैं !!
-श्रेया आनंद

4 Comments

  1. devendra devendra 16/04/2013
    • Shreya Anand Shreya Anand 12/05/2013
  2. चिराग राजा 22/04/2013
    • Shreya Anand Shreya Anand 31/12/2014

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