ख़ामोशी जब तन्हाई से टकराती है !

ख़ामोशी जब तन्हाई से टकराती है,
बीते लम्हों के साए से,
तस्वीर उभर कर आती है !
अश्को का साथ लेकर,
याद सी बन जाती है,
ख़ामोशी जब तन्हाई से टकराती है !

दर्द का जलजला आता है,
एहसासों को रौंद जाता है,
लब थरथराते हैं और,
पलके भीग जातीं हैं,
ख़ामोशी जब तन्हाई से टकराती है !!
(2nd August 2009)

6 Comments

  1. Srikant 15/04/2013
    • Shreya Anand Shreya Anand 15/04/2013
    • Shreya Anand Shreya Anand 15/04/2013
  2. Tejinder Kaur 16/04/2013
    • Shreya Anand Shreya Anand 16/04/2013
  3. mahendra gupta 17/04/2013

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