एक शाम दोस्ती के नाम कर देना !

एक शाम दोस्ती के नाम कर देना !
कभी-कभी हमे याद कर लेना !

एक शाम दोस्ती के नाम कर देना !

दोस्तों बिन जीने से बड़ी सजा क्या होगी,
मौत न आये तो, इससे बड़ी खुदाई खता क्या होगी,
हाल-ए-दिल क्या है हमारा,
सोच कर एक आसू गिरा देना !
एक शाम दोस्ती के नाम कर देना !

बीते गुजरे लम्हे हर पल याद करते हैं ,
हमारी दोस्ती मिट जाये,
इस ख्याल से भी डरते हैं !
मौका मिले तो मौसम-ए-जुदाई, तुम भी याद कर लेना !
एक शाम दोस्ती के नाम कर देना !!

2 Comments

  1. SUHANATA SHIKAN SUHANATA SHIKAN 14/04/2013
    • Shreya Anand Shreya Anand 14/04/2013

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