‘दे-दे मारें ईंट-ईंट: रूप घनाक्षरी

क्रूर सूदखोर होशियार बड़ा आदमी है,

सत्य कहा नारियों ने दें सुधार पीट-पीट.

देखे जहाँ नारी प्यारी वहीं टपकावे लार,

झटका करंट लगे उछले ये फीट-फीट.

मसका हमेशा मारे हाँ में हाँ मिलाता रहे,

नारी को लुभाता और करता है चीट-चीट

करे जो ये बात पापी कन्या भ्रूण मारने की

पकड़ें व फोड़ें  सिर दे-दे मारें ईंट-ईंट..

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