हम हैं भारत वासी………

हम हैं भारत वासी –           रचनाकार – इन्द्र देव चवरे

इस धरती को जिसने स्वर्ग बनाया, हम हैं भारत वासी |

जब तक नहीं पहुँचे मंजिल तक, छाई न कभी उदासी ||

संतोष हमें है अपने धन पर, जो मेहनत से आया |

मिल जाए जो भी रूखा-सूख, हमने प्रेम से खाया ||

देख पराई चिकनी चुपड़ी, कभी न जी ललचाया |

खुद जल बंजर को सजाया, की पथरीले को मटासी ||

इस धरती को जिसने स्वर्ग बनाया, हम हैं भारत वासी |

पसीना खूब बहाया हमने, भरी कभी न आहें |

जिसने भी हम से चाहा सहारा,रुकी कभी न बाहें ||

विनती करते हैं नित ईश्वर से, भूलें कभी न राहें |

धूप, धूल, धूआँ और सर्दी, हैं सब अपने ही दासी ||

इस धरती को जिसने स्वर्ग बनाया, हम हैं भारत वासी |

नही चाहिए  नाइट ड्रेस,  और नही चाहिए चश्मे |

पाले कौन ये बूट का झंझट, लगे हों जिसमें तश्मे ||

अपन तो व्हेदर प्रूफ हैं भैया, ये बोल नहीं सियासी |

भाई-चारा  सुख-शांति यहां है, अभी न जाओ काशी |

इस धरती को जिसने स्वर्ग बनाया, हम हैं भारत वासी |