नाम का देखो उल्टा चक्कर

नाम का देखो उल्टा चक्कर, धनीराम है बिलकुल फक्कड़ ।
 
शत्रु मेरा मित्र है ओर फंसा जाल में है मक्कड़ ।। 
 
नवीन का रास्ता काट ले बिल्ली तो घर में वो रुक जाता है ।
 
प्राचीन भूलकर सारी बातें नए नए किस्से सुनाता है ।।
 
सुखराम जेल में दुःख पाए,  मनमोहन मन न मोहे ।
 
काव्य न लिखे कविता, कबीर न बोले दोहे ।।
 
चतुर सिंह ऊपर से पैदल, भोला बाबु चालू ।
 
गौरव ने नाम डुबो दिया, गौरे का नाम है कालू ।।
 
मुलायम बने कठोर ह्रदय, माया को खुद नोटों से प्यार ।
 
हरिदास हरी गुण गए नाही, साईं नाथ न जाये साईं द्वार ।।
 
रोशनी के घर अन्धेरा है ओर आयुष्मान चला गया ।
 
यारों खुद को खबर नहीं,  कब होशियार सिंह छला गया ।।
 
रूप लाल है बैंगन जैसा , लालचंद पड़े है पीले ।
 
प्रिंस कहीं का प्रिंस नहीं, हालात हुए है ढीले ।।
 
किशोर हो गया है बुड्ढा ओर माला कभी ना जुड़ पाई ।
 
हंसिका जहाँ की तहां रही,  ऊपर कभी न उड़ पाई ।।
 
इन्दर को पानी नहीं मिला पर पानी का बिल तो आ गया ।
 
ओर सूरदास को बिजली का बिल दिन में तारे दिखला गया ।।
 
आकाश का कद है डेढ़ फूटा ओर 6 फुट का है छोटा ।
 
ज्ञानदीप को ज्ञान नहीं,  अक्ल से है वो मोटा ।।
 
यशवंत का यश नहीं फैला ओर लालु संभाले बिहार ।
 
अजय कभी जीता नहीं ओर रणविजय जाता हार ।।
 
माधुरी नीम के पत्तो जैसी, ओर गौरी काली काली है ।
 
20 किलो है जवान जिसका नाम जन्म से बाली है ।।
 
हनुमंत सिंग के 9 बच्चे,  किस-किस का नाम वो याद रखे ।
 
ओर राजाराम भाइयो के खिलाफ,  पंचो में फ़रियाद रखे ।।
 
बरखा बारिश से डरती ओर पंकज को कीचड़ पसंद नहीं ।
 
ओर शादीराम घरजोड़े,  शादी के लिए रजामंद नहीं ।।
 
रूद्र हँसता रहता है और मुस्कान कभी मुस्काए ना ।
 
हंसमुख को जो देख लो तो हंसी कभी भी आये ना ।।
 
ऋषि फिल्मो में हीरो है ओर हीरो जूनियर कलाकार ।
 
गुरचरन गुरु के चरण छोड़ गला दबाने को तैयार ।।

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गुरचरन मेह्ता 

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