जीवन के पथरीले रास्ते पर !

जीवन के पथरीले रास्ते पर,
कुछ खोया, कुछ पाया है हम ने |
कहीं धूप मिली, कहीं छाँव मिला,
हर मौसम को हँस के, बिताया है हम ने |
दर्द और प्यार की कशमकश में,
हँसतें हँसतें आसूँ बहाया है हम ने |
जीवन के पथरीले रास्ते पर,
कुछ खोया, कुछ पाया है हम ने |

सफ़र ये आसाँ न होगा,
जानकर भी कदम बढाया है हम ने |
ख़ुशी और गम जो भी मिले,
दोनों को ही गले लगाया है हम ने |
दुर्गम इस रास्ते के काटों से,
आशियाँ अपना सजाया है हम ने |
जीवन के पथरीले रास्ते पर,
कुछ खोया, कुछ पाया है हम ने |

-श्रेया आनंद
(27th Dec 2012)

2 Comments

  1. SUHANATA SHIKAN SUHANATA SHIKAN 15/03/2013
    • Shreya Anand Shreya Anand 15/04/2013

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