खाक की है दुनिया ये !

ऐ दिल मेरे,
संभल जा,
जो तेरा नहीं था,
ना होगा कभी,
उसके लिए छोड़ दे तड़पना !
खाक की है दुनिया ये,
खाक में ही मिल जाना है !
ना कुछ लाये थे साथ में,
ना कुछ लेकर जाना है !

मुस्कुरा ले,
ये जो दो पल हैं ख़ुशी के,
जाने किस घडी,
दर्द के बादल घिर आयेंगे !
आसूं तो तेरे सच्चे जीवनसाथी हैं,
आज नहीं तो कल,
साथ जरुर निभाएंगे !

हर पल साथ देता,
तेरा ये जो साया है,
रास्ते के अंधेरो में,
इसे भी बिछड़ जाना है !
खाक की है दुनिया ये,
खाक में ही मिल जाना है !
फिर शोक किस बात का,
दिल मेरे तुझे मनाना है !
ना कुछ लाये थे साथ में,
ना कुछ लेकर जाना है !!
-श्रेया आनंद
(23th Jan 2013)

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